मरवाही विकासखंड में प्रधानमंत्री आवास में घालमेल I

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लापरवाहीपूर्ण कार्य और इंजिनियर ने ले लिया सम्मान I

अधिकारियों का कहना तीन साल में बनाए 7000 आवास I

लेकिन 7000 में कितने पूर्ण और रहने लायक ये नहीं देखा ।

दबंग न्यूज लाईव
मंगलवार 07.01.2020

सुबीर चोैधुरी और बिपत सारथी

सरकार गरीबों के लिए योजनाएं तो बहुत बनाती है , उसके लिए बजट भी देती है और समय समय पर अधिकारियों पर दबाव भी डालती है कि काम को शिघ्र ही पुरा करें लेकिन योजना के जमीन पर आते आते योजना का दम निकल जाता है ,,,अधिकारी ठेकेदार मालामाल हो जाते हैं और जिसके लिए योजना वो हाशिए पर खड़ा होकर ताकते रहता है । ये हाल कमोबेश सभी सरकारी योजनाओं का होता है ।
लेकिन हम जिस योजना के बारे में आज आपको बता रहे हैं उसे देख सुन कर आपकी आंखे फटी रह जाएंगी क्योंकि मरवाही विकासखंड के अधिकारियों ने दावा किया था कि उन्होंने पिछले तीन साल में लगभग 7000 प्रधानमंत्री आवास बना दिए है और इसी आंकड़े के आधार पर यहां के इंजिनियर अनीष मसीह ने सरकार से अवार्ड भी ले लिया । अच्छे काम का अवार्ड तो मिलना ही चाहिए हम भी इसके पक्षधर हैं पर झुठे आंकड़ों के दम पर नहीं ।


मरवाही के सीईओ और इंजिनियर को ये बताना चाहिए कि पिछले तीन साल से बन रहे इन 7000 आवासों में से कितने अभी भी पूर्ण नहीं हुए है और रहने लायक नहीं है ।
हमारे पेण्ड्रा और मरवाही ब्यूरो ने जो खबर भेजी उसके हिसाब से मरवाही में प्रधानमंत्री आवास की स्थिति काफी खराब है । यहां के कई पंचायतों में पिछले तीन साल से बन रहे आवास अभी भी अधूरे हैं और इनकी संख्या भारी मात्रा में है । इन आवासों में दरवाजे , खिड़की तो छोडिए पिछले तीन साल में ना तो छत डली और ना ही प्लास्टर हुआ ।

जनपद पंचायत मरवाही के ग्राम पंचायत गुम्माटोला में दस हितग्राही है जिनके आवास रहने लायक ही नहीं है और पिछले तीन साल से ये हितग्राही अपने आवास के पूर्ण होने की बाट जोह रहे हैं लेकिन ये बनेंगे कैसे क्योंकि बजट तो ठेकेदार ने निकाल कर छुमंतर कर लिया । इसके अलावा यहां के एक और पंचायत बंशीताल में भी पिछले तीन साल से एक हितग्राही भागीरथ भरिया अपने आवास पूर्ण होने का सपना देखते देखते स्वर्ग सिधार गया लेकिन आवास अभी तक पूर्ण नही हुआ पता ये चला है कि दानीकुंडी में एक कियोस्क वाले ने अंगूठा लगाकर उसके पैसे निकाल लिए । ऐसे कई मामले हैं जो मरवाही के आवास की पोल खोल रही है लेकिन अधिकारी और इंजिनियर कागजो में आंकड़े देखकर प्रसन्न हो रहे है ।


इस संबंध में आवास का काम देखने वाले अनीस मसीह से जब बात की गई और पूछा गया क्या वाकई पिछले तीन साल में छह हजार आवास पूर्ण हो गए हैं तो उन्होंने बड़े गर्व से उत्तर दिया छह नहीं पिछले तीन वित्तिय वर्ष में सात हजार आवास पूर्ण हो गए हैं । लेकिन जब उनसे गुम्माटोला के बारे में पूछा गया तो फिर वो बचाव वाली मुद्रा में आ गए ।


अनीस मसीह का कहना था – गुम्माटोला में जो ठेकेदार था उसने आवास पूर्ण नही किया । दो किस्त निकाला है तीसरी किस्त बाकी है । और यहां दस नहीं तीन आवास ही अपूर्ण है । ठेकेदार पर कार्यवाही की जाएगी । जिओ टैग करने वाले ने फर्जी टैग करके आवास पूर्ण बता दिया । और अवार्ड मुझे आवास के लिए नहीं बेहतर काम के लिए मिला है जो मैने किया है ।
याने आवास की दुर्गती सामने आते ही अधिकारियों के सुर बदल गए । अब जांच होगी और कार्यवाही होगी । तो साहब पिछले तीन साल से कर क्या रहे थे । यदि जिओ टैग वाले ने फर्जी टैग किया तो आप क्या कर रहे थे पिछले तीन साल में आपने एक भी दौरा ऐसे इलाकों का नही किया अब आफिस में बैठकर आन लाईन कम्प्यूटर खेलने में समय गया और इसके लिए अवार्ड भी मिल गया लेकिन उन गरीबों का क्या जो अपने आशियाने के लिए पिछले तीन साल से आपकी राह देख रहे ।
जनपद के सीईओ महेश यादव का कहना था – सीईओ तो बदलते रहते हैं , इनको ध्यान देना था लेकिन जानकारी मुझे प्राप्त हो रही है तो मैं दिखवाता हूं कार्यवाही की जाएगी ।

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Sanjeev shukla

One comment

  1. Om prakash Kewat

    Very good job for your information

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