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ATR- अचानकमार टाईगर रिजर्व में तालाब निर्माण यानी मलाईदार पार्टी

जेसीबी से तालाब निर्माण का गांव के मजदूरों ने किया विरोध और रोक दी जेसीबी ।
रेंजर ने गांव वालों से कहा-लिख के दो तो बंद कर देंगे ।

दबंग न्यूज लाईव
रविवार 23.01.2022

कोटा/बिलासपुर – एटीआर में तालाब खुदाई के लिए अधिकारियों ने जेसीबी लगा दिया इसके बाद गांव के लोगों ने हंगामा कर दिया और जेसीबी को खड़ा कर दिया । गांव वालों का कहना था कि जेसीबी से यदि काम होगा तो गांव के मजदूरों को मजदूरी कहां मिलेगी और उनके सामने आर्थिक संकट पैदा हो जाएगा । गांव के लोगों द्वारा जेसीबी को खड़े करने के बाद यहां के रेंजर ने लोगों से बात की और कहा कि आप लिख कर दे दो तो जेसीबी से काम बंद हो जाएगा ।


ये पहला मौका नहीं है जब एटीआर के कोर जोन में जेसीबी से तालाब निर्माण करवाया जा रहा है । इसके पहले भी हर साल जब भी तालाब बनता है एटीआर के अधिकारी जेसीबी वाले को ठेका दे देते हैं ।


इस समय अचानकमार टाईगर रिजर्व के लगभग तीन सौ दैनिक मजदुर हड़ताल पर है जिसके कारण वैसे भी यहां की सुरक्षा व्यवस्था पर प्रश्न चिन्ह लग गया है ऐसे में बाहरी लोगों को कोर जोन में घुसाकर जेसीबी चलवाना और कैम्प बना देना वन्य प्राणीयों की सुरक्षा को नजर अंदाज करना है ।

छत्तीसगढ़ में वाईल्ड लाईफ की धरोधहर अचानकमार टाईगर रिजर्व में वन्य प्राणीयों और यहां के कर्मचारियों की सुविधा को छोड़ हर काम हो रहा है । हमने पूर्व में भी खबर के माध्यम से ये बताया है कि यहां वन्य प्राणियों की सुरक्षा ,उनके रहवास और यहां के दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों के वेतन को छोड़ अधिकारी सिर्फ निर्माण कार्य पर ध्यान दे रहे हैं ।


एटीआर मे हर वित्तीय वर्ष में तालाब का गहरीकरण और नए तालाबों की खुदाई की जाती है । यदि शुरूवात से आज तक तालाबों की गिनती कागजों में कर ली जाए तो सैकड़ों तालाब यहां बने बताए जा सकते हैं ।

जानकारी के अनुसार अचानकमार में हाल ही में दो नए तालाबों का निर्माण होना है । जानकारों के अनुसार कोर जोन में मशीनों को इस्तेमाल नहीं होना चाहिए । एटीआर प्रबंधन ने कुछ दिन पहले ही नए नियम बनाते हुए मोटरसाईकल तक के हार्न बजाने पर जुर्माना ठोकने की बात कही है लेकिन खुद इसके उलट कोर जोन में बड़ी बड़ी मशीनों से तालाब की खुदाई कर रहा है ।


जेसीबी से तालाब खुदाई के बाद यहां के मजदूरों को काम मिलना बंद हो जाएगा और ऐसे में उनके सामने रोजगार का संकट पैदा हो जाएगा लेकिन एटीआर प्रबंधन का ध्यान इस ओर नहीं है कि जेसीबी से काम करवाने से लोगों के आर्थिक नुकसानी के अलावा कोर जोन में भी ध्वनी प्रदुषण और वन्य जीवों को तकलीफ होगा ।

इस संबंध में हमने एटीआर के रेंजर से उनके दोनों नम्बर पर बात करने की कोशिश की लेकिन उनका मोबाईल स्वीच आफ आ रहा था ।

sanjeev shukla

Sanjeev Shukla DABANG NEWS LIVE Editor in chief 7000322152
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