close button
ब्रेकिंग न्यूज़
Home / करगी रोड / नवरात्री स्पेशल – अज्ञात वाश में पांडवों ने यहां खोद दिए थे 356 तालाब ।
.

नवरात्री स्पेशल – अज्ञात वाश में पांडवों ने यहां खोद दिए थे 356 तालाब ।

Advertisement

मां की महिमा अपार , धनपुर में बसती है मां आदिशक्ति ।

दबंग न्यूज लाईव
मंगलवार 05.10.2021

पेण्ड्रा – नवरात्री में मां की महिमा अपार हो जाती है । देश भर में मां के भक्त मंदिरों से लेकर जगराते तक में मां की महिमा से मुग्ध होते हैं । ऐसा ही एक पौराणीक गांव है पेण्ड्रा का धनपुर । धनपुर श्री आदिशक्ति मां दुर्गा के नाम से विख्यात है । दूर दूर से लोग यहां अपनी मनौती मांगने आते हैं और मां भी उनकी झोली खाली नहीं रखती । मान्यता है कि यहां अपने अज्ञात वाश में पाण्डवों ने 356 तालाब की खुदाई कर दी थी । हालांकि अब उन तालाबों ने खेतों की शक्ल ले ली है ।

इसके बावजूद लगभग डेढ़ सौ तालाब आज भी धनपुर में स्थित हैं जिनमें से एक तालाब पेंड्रा धनपुर मुख्य मार्ग पर धनपुर से 1 किलोमीटर पहले बाएं और स्थित है। इस तालाब का नाम भंवतरा तालाब है। यहां के बुजुर्ग धनपुर के तालाबों की कहानियां बताते हुए भंवतरा तालाब के बारे में बताते है उनके अनुसार उत्तर से दक्षिण को जोड़ने वाला यह प्राचीनतम मार्ग है जो गंगोत्री से सेतबंध रामेश्वरम को जोड़ता है । पुराने समय में पैदल यात्री इसी मार्ग से गंगोत्री से गंगाजल लेकर सेतुबंध रामेश्वरम जाते थे।

इसी मार्ग से पशु व्यापारी निकलते थे व्यापार भी बैलगाड़ी से और पशुओं के माध्यम से होता था। तथा यह सुगम मार्ग था। मार्ग से निकलने वाले पदयात्रियों को यह तालाब भंवतरा खाना बनाने के लिए बर्तन इत्यादि देता था।  यात्री भोजन बनाने खाने के बाद बर्तन तालाब को फिर से लौटा देते थे और या निरंतर चलता रहा परंतु किसी व्यक्ति के द्वारा बर्तन उपयोग करने के बाद ले जाने की कोशिश की गई जिसके बाद तालाब ने बर्तन देना बंद कर दिया।

इन बातों में कितनी सच्चाई है इसका कोई प्रमाण हमारे पास तो नहीं है परंतु ग्रामीण मान्यता यही है। छत्तीसगढ़ के गांव गांव में प्राचीन से प्राचीन तालाब है तथा हर गांव में तालाबों के पीछे कुछ ना कुछ कहानियां है जो लोकमानस में प्रचलित है ऐसे में कोई कारण नहीं है कि भंवतरा तालाब धनपुर की इस किदवंती को नकार दिया जाए।


भंवतरा तालाब काफी बड़ा तालाब है तथा यह एक बांध जैसा दिखाई देता है जिसमें अन्य तालाबों को भी मिला दिया गया है परंतु पानी भंवतरा में ही रहता है। भंवतरा तालाब का जितना बड़ा रकबा है उसका यदि सिंचाई के रूप में उपयोग करना है तो इसमें नहर के माध्यम से बगड़ी बांध का पानी लाकर भरा जा सकता है जो भंवतरा बांध अभी खाली पड़ा है उसे किसानों के लिए उपयोगी बनाया जा सकता है वही इस बांध के जलभराव से धनपुर की खूबसूरती में चार चांद लग जाएगा ।

Advertisement
Advertisement

About sanjeev shukla

Sanjeev Shukla DABANG NEWS LIVE Editor in chief 7000322152
x

Check Also

सकोला तहसील के निर्माण को लेकर जनप्रतिनिधियों ने सचिव छ.ग.शासन राजस्व एवं आपदा प्रबंधन को भेजा माँग पत्र ।

Advertisement जनप्रतिनिधियों ने दावा आपत्ति जीपीएम कलेक्टर को पेश की दबंग न्यूज ...

error: Content is protected !!