क्या जनपद अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित करा लेना इतना आसान है ?
क्या है नियम और जनपद अध्यक्ष को हटाने के लिए कितने सदस्यों का पक्ष में मतदान करना होगा आवश्यक ?

दबंग न्यूज लाईव
रविवार 21.06.2026
कोटा – कोटा जनपद पंचायत में अध्यक्ष के खिलाफ कल अविश्वास प्रस्ताव आने वाला है जिसके लिए जनपद पंचायत में लगभग सारी तैयारी हो चुकी है और सुरक्षा के चाक चौबंद व्यवस्था की गई है । लेकिन सूत्रों की मानें तो कल जनपद में भारी हंगामा हो सकता है । दोनों पक्षों के समर्थक अपने पूरे लाव लश्कर के साथ जनपद क्षेत्र में मौजूद रहेंगे और प्रक्रिया में पैनी नजर रखेंगे ।

सबसे ज्यादा हंगामा उस समय होने के उम्मीद है जब विपक्ष के जनपद सदस्य जनपद क्षेत्र में पहुंचेगें । ऐसे में किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए भारी पुलिस बल की व्यवस्था प्रशासन की तरफ से की जा रही है ।
एक साल पहले ही जनपद अध्यक्ष बनी सूरज साधेलाल भारद्वाज के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव आने के तभी से ये कयास लगाए जा रहे थे जब भाजपा ने इन्हें जनपद अध्यक्ष के कुर्सी पर बिठाया था लेकिन नियमों की मजबूरी ये थी कि अध्यक्ष के खिलाफ एक साल से पहले अविश्वास प्रस्ताव लाया ही नहीं जा सकता और इसी नियम ने एक साल तक सूरज भारद्वाज को कुर्सी पर बिठाये रखा ।
लेकिन फिर ऐसा क्या हुआ कि एक साल होते ही भाजपा जैसी अनुशासित पार्टी के अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव आ गया । हमने पहले भी इस बारे में कहा था कि भाजपा की सत्ता होते हुए भाजपा के अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का आना बड़ी बात होगी और इससे भी बड़ी बात ये होगी कि भाजपा के सदस्य इस प्रस्ताव का समर्थन करेंगे । ये बात गले से उतर नहीं रही थी और हुआ भी वहीं भाजपा संगठन ने तीन जनपद सदस्यों को नोटिस जारी कर दिया है ।
आखिर अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पास कराने के लिए कितने सदस्यों का प्रस्ताव के पक्ष में मतदान जरूरी होगा और जनपद अध्यक्ष कैसे अपनी कुर्सी बचा सकती है ये भी समझना होगा ।छत्तीसगढ़ पंचायती राज अधिनियम के अनुसार, 25 सदस्यीय जनपद पंचायत के अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित करने के लिए कम से कम 19 सदस्यों का प्रस्ताव के पक्ष में मतदान करना अनिवार्य है । लेकिन धारा 28 के तहत प्रस्ताव पारित होने की दोहरी शर्त रखी गई है । याने कुल सदस्य का दो तिहाई मत और उपस्थित सदस्यों का तीन चौथाई मत । यदि 25 जनपद सदस्य हैं और सभी उपस्थित रहते हैं तो इसका दो तिहाई याने 19 मत पक्ष में पड़ने चाहिए ।
यदि 25 सदस्य से कम उपस्थित हो मान लो जिन तीन लोगों को भाजपा ने नोटिस दिया है वो उस दिन गायब रहते हैं और सिर्फ 22 सदस्य उपस्थित हो तो प्रस्ताव पास कराने के लिए उनका तीन चौथाई याने 17 सदस्यों के वोट चाहिए। लेकिन दबंग न्यूज लाईव को जो अंदरूनी खाने से जानकारी प्राप्त हो रही है उससे लगता नहीं कि कल आने वाला अविश्वास प्रस्ताव पारित हो पाएगा । कल कुछ ना कुछ ऐसा होने वाला है जो इस पूरे घटनाक्रम को उलट कर रख देगा ।
इसलिए दबंग न्यूज लाईव की खबर पर नजर रखिए जो आपको हर अपडेट से अपडेट कराते रहेगा ।



