पीएचई में ठेका लेने से ठेकेदारों की उतर गई कमीज तक ,लेकिन विभाग को मतलब नहीं ।
ठेकेदारों के सामने आर्थिक समस्या ऋण और ब्याज में पैसे लेकर किया काम अब सवाल कैसे चुकाएंगे कर्जा ।

दबंग न्यूज लाईव
शुक्रवार 17.07.2026
रायपुर – प्रदेश में जब जल जीवन मिशन योजना शुरू हुई और ठेकेदारों को करोड़ों के काम मिले तो उनमें भारी उत्साह था और होता भी क्यों नहीं देश के प्रधानमंत्री ने इसे अपना स्वप्न बताया था कि हर घर नल से जल पहुंचाना है । ठेकेदारों ने जोर शोर से काम शुरू कर दिया टंकी बनवाई ,पाईप बिछाया मोटर लगाया घर घर स्टैण्ड बनवाएं पंचायत से वेरिफाई करवाया फिर विभागांें के चक्कर लगाना शुरू किया और फिर चक्कर लगाते लगाते खुद घनचक्कर बन गए ।

सालों से ठेकेदारों के करोड़ो का भुगतान विभाग में अटका हुआ है लेकिन अधिकारियों को इसकी जरा भी फिकर नहीं है । विभाग की उदासीनता के चलते विभाग के ठेकेदारों को आज रायपुर में कमीज उतारकर प्रदर्शन करना पड़ गया ।

आज राजधानी रायपुर में ठेकेदारों ने शर्ट उतारकर जोरदार प्रदर्शन कर सरकार को लंबित भुगतान करने संज्ञान दिलाया स पिछले डेढ साल से अधिक समय हो गए है लेकिन पीएचई. ठेकेदारों को विभाग नें भुगतान नही किया जिसके कारण विभिन्न समस्याओं का सामना कर रहे ठेकेदारों नें प्रदर्शन किया स ठेकेदार संघ के प्रदेश अध्यक्ष बीरेश शुक्ला के नेतृत्व में अर्धनग्न प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ जोरदार विरोध दर्ज कराया। बड़ी संख्या में पहुंचे ठेकेदारों ने शर्ट उतारकर प्रदर्शन किया, नारेबाजी की और सरकार से करोड़ों रुपये के लंबित भुगतान को तत्काल जारी करने की मांग की है I
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे प्रदेश अध्यक्ष बीरेश शुक्ला ने कहा कि प्रदेश के विभिन्न विभागों में वर्षों से ठेकेदारों का भुगतान लंबित है। निर्माण कार्य समय पर पूर्ण करने के बावजूद विभागीय प्रक्रियाओं, तकनीकी आपत्तियों और नए नियमों के नाम पर भुगतान रोका जा रहा है। इससे ठेकेदारों की आर्थिक स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है और कई निर्माण एजेंसियां बंद होने की कगार पर पहुंच गई हैं।
उन्होंने कहा कि ठेकेदारों ने अपनी पूंजी, बैंक ऋण और निजी संसाधनों से विकास कार्य पूरे किए हैं, लेकिन भुगतान नहीं मिलने से मजदूरों का वेतन, मशीनों की किस्त, डीजल, निर्माण सामग्री के सप्लायरों का भुगतान और बैंक ऋण की ईएमआई तक चुकाना मुश्किल हो गया है। अनेक ठेकेदार आर्थिक संकट और कर्ज के बोझ तले दब गए हैं।
बीरेश शुक्ला ने आरोप लगाया कि सरकार और संबंधित विभाग बार-बार आश्वासन तो देते हैं, लेकिन भुगतान के संबंध में कोई ठोस निर्णय नहीं लिया जाता। उन्होंने कहा कि यदि यही स्थिति बनी रही तो प्रदेश में विकास कार्य पूरी तरह प्रभावित होंगे और नई परियोजनाओं में भी ठेकेदार भाग लेने से पीछे हटेंगे।
प्रदर्शन के दौरान ठेकेदारों ने कहा कि सरकार की उदासीनता के कारण हजारों इंजीनियरों, कर्मचारियों, मशीन ऑपरेटरों और निर्माण कार्यों से जुड़े श्रमिकों की आजीविका पर संकट खड़ा हो गया है। समय पर भुगतान नहीं मिलने का सीधा असर प्रदेश की विकास परियोजनाओं पर पड़ रहा है।
ठेकेदारों ने मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप कर सभी विभागों के लंबित भुगतान तत्काल जारी करने तथा भुगतान के लिए समयबद्ध व्यवस्था लागू करने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि शीघ्र समाधान नहीं निकला तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। आने वाले दिनों में जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन, विधानसभा घेराव तथा अनिश्चितकालीन आंदोलन जैसे बड़े कदम उठाए जाएंगे।



