
कुछ शिकायतकर्ताओं ने शिकायत करने की बात से किया इंकार ।
दबंग न्यूज लाईव
30.07.2026
कोटा – कोटा विकासखंड के पांच पत्रकारों के खिलाफ लगभग 47 शिक्षक शिक्षिकाओं ने पुलिस में ये शिकायत की थी कि इनके द्वारा आरटीआई के तहत जानकारी मांगी जाती है और धमकाया जाता है । शिकायत पत्र में 47 पढ़े लिखे और जागरूक शिक्षकों ने अपने हस्ताक्षर किए और पुलिस में शिकायत की ।
शिकायत के बाद कोटा एसडीओपी ने पांचों पत्रकारों से पूरे मामले की जानकारी ली । पत्रकारों ने अपने लिखित बयान में सारी शिकायतों को झुठा और बेबुनियाद बताते हुए ये तक कहा कि यदि शिकायतकर्ताओं के पास किसी भी पत्रकार के खिलाफ कोई सबूत हो तो उसे सामने रखें या शिकायतकर्ता ये बताए कि कब किस पत्रकार ने उनके स्कूल जाकर आरटीआई लगाया है या उनसे फोन पर धमकाया या वसूली के लिए कहा है । यदि शिकायतकर्ता ऐसे सबूत नहीं दे पाते हैं तो उनके खिलाफ झुठी शिकायत करने के लिए मामला दर्ज किया जाए ।
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार एसडीओपी कार्यालय से कुछ शिकायतकर्ता शिक्षकों को कॉल किया गया तथा आफिस आकर अपने बयान दर्ज करने के लिए कहा । सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कई शिकायतकर्ताओं ने कहा कि उन्हें शिकायत की जानकारी नहीं है साथ ही ये भी कहा कि दस्तखत तो किए हैं लेकिन किस मामले में ये दस्तखत कराया गया है उन्हें नहीं पता ,हम लोग तो नए नए हैं । सूत्रों से ये भी जानकारी मिली कि 47 शिक्षकों में से मात्र दो से तीन लोग ही हैं जिन्होंने ये शिकायत पत्र तैयार किया है और बाकी को अंधेरे में रखकर उनसे दस्तखत करवा लिए हैं ।
अब सवाल ये उठता है कि समाज जिसे सबसे जागरूक और पढ़ा लिखा समुदाय मानता है उस समुदाय से भी जब ऐसे मामले सामने आने लगेंगे तो फिर क्या ही कहा जाए । यदि शिक्षक ही बिना सोचे समझे और पढ़े किसी भी आवेदन पर दस्तखत करने लग जाएं तो फिर उनकी जागरूकता पर सवाल तो उठता ही है ।
एसडीओपी का इस पूरे मामले में कहना था कि सभी शिकायतकर्ताओं को कार्यालय बुलाया जाएगा और उनके बयान दर्ज किए जाएंगे ।
ज्बकि इस पूरे मामले में पत्रकारों ने कोटा एसडीओपी नुपूर उपाध्याय के सामने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि पत्रकारों का काम ही आरटीआई के जरिए सूचना प्राप्त करना और उसका उपयोग अपनी खबरों में करना होता है ऐसे में यदि कोई सिर्फ आरटीआई लगाने मात्र को शिकायत का आधार बनाने लगे तो कैसे काम चलेगा ।
प्राप्त जानकारी के अनुसार एसडीओपी कार्यालय से अब इस मामले की जांच में तेजी आई है तथा सभी शिकायतकर्ताओं के बयान लेना शुरू किया गया है जबकि इस बीच ये भी जानकारी सामने आ रही है कि अधिकतर शिकायतकर्ताओं ने इस पूरे मामले के अगुआ दो चार लोगों पर अब दबाव बनना शुरू कर दिया है कि बेवजह उन्हें इस मामले में क्यों घसीटा गया । देखना होगा अब ये मामला कहां तक जाता है और झुठी शिकायत करने वालों पर क्या कार्यवाही होती है ।



