एक गलती और 12 लाख 50 हजार के नकली नोट बनाने वाले शातिर अपराधी चढ़े पुलिस के हत्थे ।
डिजिटल युग के धुरंधर जो बैठे बैठे बनना चाहते थे करोड़पति ।

दबंग न्यूज लाईव
मंगलवार 11.08.2026
कबीरधाम – कहते हैं अपराधी कितना भी होशियार क्यों ना हो कोई ना कोई ऐसी गलती जरूर करता है जिससे पुलिस उस तक पहुंच जाती है और उसका अपराध सामने आ जाता है । शातिर अपराधियों की एक ऐसी गलती ने कबीरधाम जिले में चल रहे नकली नोट के गैंग का भांडा फोड़ कर दिया ।10 अगस्त 2026 दिन था सोमवार पोडी चौकी के अंतर्गत आने वाले कमराखोल निवासी दिनेश कुमार यादव चौकी पहुंचा और पुलिस को बताया कि उसने अप्रेल में घुरवा राम को पौने चार लाख रूपए उधार दिए थे ।

उधारी की रकम मांगने पर घुरवा राम ने नौ अगस्त को कहा कि वो उधारी की रकम सतीश कुमार के माध्यम से भेज रहा है । उसी रात नौ बजे सतीश कुमार ने दिनेश कुमार को फोन किया और कहा कि पोड़ी के शराब भट्टी के पास आ जाए और अपने पैसे ल ेले । इसके बाद दिनेश कुमार अपने एक परिचित कैलाश चंद्रवंशी के साथ शराबभट्टी के पास पहुंचा तो वहां सतीश कुमार ने एक काले बैग में उधारी की रकम चार लाख पचास हजार रूपए दिए । बेग में पांच पांच सौ रूपए के नोट भरे थे लेकिन दिनेश कुमार को पहली ही नजर में नोटों के असली होने में संदेह हुआ और दस अगस्त को दिनेश कुमार पोंडी चौकी पहुंच गया ।

जानकारी क्योंकि बड़ी और महत्वपूर्ण थी इसलिए पोडी चौकी के साथ बोड़ला थाने की टीम और साइबर की टीम भी जुड़ गई और तुरंत ही सतीश कुमार को अपने कब्जे में लेकर पूछताछ शुरू की । पूछताछ में उसने रामप्रसाद उर्फ रमऊ और घुरवा राम के साथ मिलकर नकली नोट तैयार करने और उन्हें खपाने की बात स्वीकार की। सतीश से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए रामप्रसाद उर्फ रमऊ और घुरवा राम को भी गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों की निशानदेही पर कुल 12 लाख 50 हजार रुपए के नकली नोट, कलर प्रिंटर, मोबाइल फोन और घटना में इस्तेमाल टाटा पंच ईवी कार बरामद किया ।

पुलिस के मुताबिक, आरोपी जुलाई 2026 से ही कलर प्रिंटर के जरिए नकली नोट तैयार कर रहे थे। इसके बाद इन नकली नोटों को बाजार में असली रकम के तौर पर चलाने की कोशिश कर रहे थे ।
उधारी लौटाने के नाम पर थमाए 4.50 लाख के नकली – घुरवा राम ने कमराखोल के दिनेश कुमार से उधारी के तौर पर पौने चार लाख रूपए के असली नोट तो लिए लेकिन जब वापसी की बारी आई तो साढे चार लाख रूपए की एक मुश्त अदायगी नकली नोट के रूप में कर दी और यहीं से आरोपियों के इस गोरखधंधे का भांडाफोड़ हो गया । इसके पहले जुलाई से अब तक इन लोगों ने कितने नकली नोट बाजार में खपा दिए इसकी कोई जानकारी नहीं है ।
किराए के कमरे में छाप रहे थे नकली नोट
पूछताछ में सामने आया कि आरोपियों ने जुलाई 2026 से नकली नोट बनाने का काम शुरू किया था। इसके लिए रामप्रसाद उर्फ रमऊ ने नए बस स्टैंड के पास किराए पर कमरा लिया था। इसी कमरे में कलर प्रिंटर की मदद से नकली नोट तैयार किए जाते थे। पुलिस के अनुसार 13 जुलाई को रामप्रसाद और सतीश कुमार ने कलर प्रिंटर खरीदा था। इसके बाद रामप्रसाद ने किराए का कमरा लिया, जहां रामप्रसाद और घुरवा राम नकली नोट तैयार करते थे। तैयार नकली नोटों को सतीश कुमार और रामप्रसाद मिलकर आगे पहुंचाने का काम करते थे।
12.50 लाख के नकली नोट बरामद
पुलिस ने तीनों आरोपियों से कुल 8 लाख रुपये के नकली नोट बरामद किए हैं। इसके अलावा प्रार्थी को डिलीवरी किए गए 4 लाख 50 हजार रुपये के नकली नोट भी पुलिस ने जब्त किए हैं। इस तरह मामले में कुल 12 लाख 50 हजार रुपये के नकली नोट जब्त किए गए हैं। सतीश कुमार से 2 लाख रुपये के नकली नोट, रामप्रसाद उर्फ रमऊ से 4 लाख 50 हजार रुपये के नकली नोट, 1 मोबाइल फोन, 1 कलर प्रिंटर/फोटोकॉपी मशीन, 1 टाटा पंच ईवी कार, घुरवा राम से 1 लाख 50 हजार रुपये के नकली नोट बरामद किया गया। वहीं प्रार्थी से 4 लाख 50 हजार रुपये के नकली नोट बरामद किया गया। इस तरह कुल 12 लाख 50 हजार रुपये के नकली नोट, 1 कलर प्रिंटर/फोटोकॉपी मशीन, 1 मोबाइल फोन और 1 टाटा पंच ईवी कार बरामद किया गया है।
मामले में चौकी पोंडी, थाना बोड़ला में अपराध क्रमांक 101/2026 के तहत धारा 179 और 318(4) बीएनएस में अपराध दर्ज किया गया है। जांच के दौरान धारा 178, 180 और 181 बीएनएस भी जोड़ी गई है। नकली नोटों और अन्य सामग्री को विधिवत जब्त कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस आरोपियों से यह भी पूछताछ कर रही है कि नकली नोट बनाने के लिए सामग्री कहां से जुटाई गई, अब तक कितने नकली नोट तैयार किए गए और इन नोटों को किन-किन स्थानों पर खपाया गया है।
कबीरधाम पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध नोट को स्वीकार करने से पहले उसकी अच्छी तरह जांच करें। संदिग्ध नकली नोट अथवा किसी संदिग्ध वित्तीय लेन-देन की जानकारी मिलने पर तत्काल नजदीकी पुलिस थाना या चौकी को सूचित करें। पूरी कार्रवाई में साइबर थाना कबीरधाम के निरीक्षक उमाशंकर राठौर, थाना बोड़ला चौकी पोंडी प्रभारी निरीक्षक लक्ष्मीनारायण साव, सउनि चंद्रकांत तिवारी, आशीष सिंह, संजीव तिवारी, प्रधान आरक्षक चुम्मन साहू, अभिनव तिवारी, ओम प्रकाश पटेल, खूबी साहू, आरक्षक संदीप शुक्ला, गज्जू ठाकुर, पूरन दास डाहिरे, देवेंद्र चतुर्वेदी, सोमेंद्र शर्मा और सतखोजन की महत्वपूर्ण भूमिका रही।



