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K फॉर कोटा K फॉर कोयला और K फॉर कसौटी में परखी जाएगी जनप्रतिनिधियों की निष्ठा ।

कोल साईडिंग और कोल वॉशरी के चंगुल में क्या फंस जाएगी जिंदगी ?

दबंग न्यूज लाईव
मंगलवार 20 अक्टूबर 2026
कोटा/बिलासपुर -कोटा यू तो अपने जंगल ,नदी ,पहाड़ों और हरियाली के लिए प्रसिद्ध है लेकिन अब लगता है धीरे धीरे ये धरोहर कोटा के इतिहास के पन्नों में दर्ज होते जाएगा । पहाड़ों और जंगलों का अस्तित्व लगभग खतम होने पर आ रहा है और अब हरियाली को कोयले की काली नजर लगने वाली है ।
सूत्रों की मानें तो कोटा के वार्ड चौदह और मुक्तिधाम के आगे से जो रेलवे की साइडिंग है वहां के काफी बड़े हिस्से में कोल साइडिंग और कोल वाशरी लगाने की तैयारी लगभग हो चुकी है । सत्तर से सौ एकड़ में फैले इस हरे भरे और धान गेंहूं की फसल पैदा करने वाली कृषि भूमि पर कुछ माह बाद कोयले की परत चढ़ने लगेगी । धीरे धीेरे कोयले की ये डस्ट आस पास की हरियाली के मुंह पर कालिख पोतने के साथ ही कोटा के जन जीवन और स्वास्थ्य को भी प्रभावित करने लगेगी ।

जब से कोयले की ये कहानी सामने आई है कोटा का एक वर्ग इसके परिणाम को लेकर चिंतित है । उसे कोटा का भविष्य नजर आ रहा है जब नगर का आधे से ज्यादा हिस्सा कोयले के चादर में लिपटा मिलेगा । लोगों का स्वास्थ्य और रहन सहन प्रभावित होगा और आने वाली पीढ़ी पूछेगी कि जब कोयले का ये खेल हो रहा था आप सब कहां थे ? जब एक बेहतरीन शहर को कोयले के खेल में धकेला जा रहा था तो क्यों विरोध नहीं किया ?

लेकिन इसके साथ ही सबसे चौंकाने वाली बात जो निकलकर सामने आ रही है वो ये हैं कि नगर की जनता ने जिन कांधों पर नगर की बेहतरी और विकास का जिम्मा सौंपा था शायद उन कांधों पर भी दौलत का भार बढ़ते जा रहा है जिससे उनकी रीढ की हडडी झुकने लगी है । बाजार में ये भी चर्चा का विषय है कि कई दिन से किसी किसी फार्म हाउस में कोयला के आकाओं के साथ बैठकी हो रही है और एनओसी देने लेने के नाम पर मोलभाव तय हो रहे हैं । अब इस बात में कितनी सच्चाई है ये आने वाला समय ही बताएगा लेकिन इन खबरों के बाद नगर के जागरूक लोग आक्रोशित हैं और आंदोलन की तैयारी में जुट गए हैं ।

फिलहाल जिस जगह पर कोयला का प्रकोप आने वाला है उस जमीन पर अभी धान की फसल लगी हुई है और इस फसल के कटने के बाद कोयले की डंपिग और उसका काम शुरू होने के आसार हैं लेकिन इस सबके बीच जो मामला अटका है वो है नगर पालिका के एनओसी का ।

फिलहाल अभी तक नगरपालिका ने इसके लिए कंपनी को एनओसी प्रदान नहीं किया है और शहर की आम जनता का भी यही विश्वास है कि नगर पालिका जनता के स्वास्थ्य और नगर हित से समझौता नहीं करेगी और ऐसे कामों के लिए एनओसी जारी नहीं करेगी । देखना होगा लोगों का भरोषा कहां तक टीके रहता है ।

इस पूरे मामले में नगरपालिका की अध्यक्ष श्रीमती सरोज साहू ने दबंग न्यूज लाईव से बात करते हुए दो टूक शब्दों में कहा कि -“अभी तक हमारे सामने एनओसी का लेटर नहीं आया है । नगरपालिका ने ना तो एनओसी दिया है और ना ही देगा । हमारे लिए नगरहित से बढ़कर कुछ भी नहीं है जो भी फैसला लेना होगा नगर की जनता से चर्चा के बाद ही तय होगा ।”

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