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कोटा , कोलवाशरी , जनसुनवाई और सभी के अपने अपने दावे ।

किसी ने कहा क्षेत्र बरबाद हो जाएगा किसी ने कहा आबाद हो जाएगा ।

 

दबंग न्यूज लाईव
शनिवार 21.06.2026

करगीरोड कोटा -कहते हैं यदि क्षेत्र में कोई नया उद्योग आता है तो अपने साथ कुछ लाभ और कुछ नुकसान लेकर भी आता है अब ये नफा और नुकसान किसके हिस्से में कितने आते हैं ये आने वाला वक्त बताता है । लेकिन उसके पहले सभी अपने – अपने हिसाब से इसके नफा नुकसान बताते हैं ।


ऐसा ही कुछ हुआ बिते 19 तारीख को जब कोटा क्षेत्र के अमाली ग्राम पंचायत में मेसर्स विराज अर्थ फ्यूजन प्राइवेट लिमिटेड की तरफ से प्रस्तावित कोल वाशरी परियोजना को लेकर जनसुनवाई रखी गई थी ।जनसुनवाई में जहां कोल वाशरी के खुलने के विरोध में भी लोग थे तो एक वर्ग समर्थन में भी था । अमाली कोल वाशरी की जन सुनवाई में स्थानीय लोगों ने क्षेत्र के विकास और रोजगार मिलने की शर्त पर अपना समर्थन जताया तो एक वर्ग ने पर्यावरण प्रदूषण, कृषि भूमि एवं जल स्तर पर खतरा मंडरानें की बात करते हुए विरोध जताया।


जनसुनवाई में एडिशनल कलेक्टर कोटा एसडीएम और छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के क्षेत्रीय अधिकारी और पुलिस प्रशासन मौजूद रहे। सुबह 11 बजे से सुनवाई शुरू हुई, जिसमें करीब 280 लोगों नें पक्ष और विपक्ष में अपनी बातें रखी।

’ग्रामीणों के साथ स्थानीय नेताओं ने किया विरोध’ – अमाली सुनवाई में ग्रामीण और स्थानीय नेताओ ने परियोजना का विरोध करते हुए कहा कि, प्रस्तावित भूमि पर कोल वाशरी खुलनें से धूल और प्रदूषण बढ़ेगा, जिससे पर्यावरण और आजीविका पर असर पड़ेगा। पास में कालेज है और भविष्य के लिए नुकसानदेह हैं। सुनवाई के दौरान ‘कोल वाशरी के खिलाफ जमकर’ के नारे भी लगाए गए । ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जनसुनवाई के अंत में बाहरी लोगों को अंदर लाकर कोल वाशरी के समर्थन में बोलने दिया गया, जिसे लेकर हंगामा भी हुआ।
प्रबंधन नें रोजगार के साथ क्षेत्र के विकास होने की भी बात कही’ –प्रबंधन नें कहा कि कोल वाशरी की स्थापना से क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर बनने से स्थानीय युवाओं को काम मिलेगा। व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही पंचायतों के विकास में वाशरी प्रबंधक सहायक सिद्ध होगा । वहीं, जनसुनवाई के आखिरी में प्रबंधन की तरफ से सभी को आश्वासन दिया गया कि ग्रामीणों की मांगों और सुझाव का ध्यान रखा जाएगा। पर्यावरण की दृष्टि से अधिक से अधिक वृक्ष लगाए जाएंगे पर्यावरण संरक्षण पर काम किया जाएगा। और युवाओं को रोजगार के साथ ही कोटा के व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।


बहरहाल देखना ये होगा कि जनसुनवाई के बाद प्रशासन के जो अधिकारी यहां मौजूद थे वे कैसी रिपोर्ट तैयार करते हैं । वैसे जिस प्रकार से प्रशासन पर समर्थन का आरोप लगा है उससे तो यही सिद्ध होता है कि आने वाले समय में कोलवाशरी के खुलने का रास्ता साफ होगा और यदि ऐसा होता है तो उम्मीद यही की जानी चाहिए कि प्रबंधन ने जो वादे किए हैं वो पूरे करें और पर्यावरण को कम से कम नुकसान पहंुचाया जाए । इसके दिगर यदि कोल वाशरी का विरोध करने वालों का पक्ष देखा जाए तो देखना होगा विरोध के स्वर और कहां तक कितनी दमदारी से आगे जाते हैं ।

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