सबसे बड़ा सवाल- क्या कोटा सामुदायिक केन्द्र की अव्यवस्था कोई सुधार सकता है ?
दिवाल पर लिखा है ओपीडी का समय नौ बजे लेकिन खुलता है साढ़े नौ के बाद ।

दबंग न्यूज लाईव
मंगलवार 21.04.2026
करगीरोड कोटा – कोटा के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र की अव्यवस्था को देखते हुुए लोगों के मन एक सवाल जरूर उठता है कि क्या कोटा के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र की अव्यवस्था को कोई सुधार भी सकता है क्या ? या कभी ऐसा हो जाए कि कोटा का स्वास्थ्य केन्द्र वाकई में पीड़ितों के कुछ काम भी आए । सुविधाएं मिलना तो बाद की बात है पहली बात तो ये है सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र समय पर खुले और यहां के अधिकारी कर्मचारी समय पर अपनी डयूटी पर उपस्थित होवें ।

ताजा मामला आज सुबह का ही है जब कलारतराई का एक व्यक्ति सुबह अस्पताल पहुंचा उसके हाथ में चोट लगी थी और खून बह रहा था । उस समय आपातकालीन व्यवस्था कुछ भी नहीं थी मौजूद नर्सिग स्टाफ ने उसे इंजेक्शन लगा दिया और बैठने को कहा । पीड़ित व्यक्ति के हाथ से खून लगातार बह रहा था ऐसे में उसने अपने परिचित राजेश अग्रहरी को फोन किया और मदद मांगी । राजेश अग्रहरी भी तत्काल अस्पताल पहुंचे और जानकारी ली लेकिन साढ़े नौ बजे तक कोई स्टाफ कोटा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र नहीं पहुंचा था ।

राजेश अग्रहरी ने दबंग न्यूज लाईव से बात करते हुए बताया कि – उनके परिचित को हाथ में चोट लगी थी साढ़े छह बजे से साढ़े नौ बजे तक हम लोग बैठे रहे । दिवाल में लिख कर इन्होंने रखा है ओपीडी का समय नौ बजे लेकिन दस के पहले कोई आता ही नहीं । सुबह के स्टाफ ने एक इंजेक्शन लगाकर अपनी डयूटी खतम कर ली । दस बजे के बाद पीड़ित को टांके लगाए इस बीच लगातार उसके हाथ से खून बह रहा था । हास्पीटल में तो हर समय आपातकालीन सेवा मिलनी चाहिए ।

इस बारे में कोटा बीएमओ डा गुप्ता से बात की गई तो उनका कहना था कि -साढ़े नौ बजे डाक्टर तन्मय साहू पहुंच चुके थे । डयूटी में रहने वालों के नाम नम्बर भी लिखे हुए रहते हैं । यदि फिर भी शिकायत आई है तो जानकारी लेकर कार्यवाही की जाएगी ।



