114 दिन , एक बाईक , 55 टाईगर रिजर्व और 18 हजार किमी का सफर ।
जंगल और वन्य जीवों से प्यार ने जंगल ब्वाय से नपवा दिया देश का कोना कोना

संजीव शुक्ला
बिलासपुर छत्तीसगढ़
जंगल और उसके बाशिंदे । धरती की ऐसी धरोहर है जिसने सदियों से लोगों को आकर्षित किया है । और इस मामले में हम सौभाग्यशाली हैं कि भारत के चारो दिशाओं में पूर्व से लेकर पश्चिम और उत्तर से लेकर दक्षिण तक विशाल जंगलों और वन्य जीवों से हमारी धरती वैभवशाली है । ये अलग बात है कि पिछले कुछ माह से देश के कई हिस्सों में जंगलों को काट कर खदानों की शक्ल दी जा रही है जो आने वाले समय में पर्यावरण ,वन्यजीव और इंसानों के लिए काफी घातक सिद्ध होने वाले हैं ।

लेकिन इन अपवादों को दरकिनार रखें तो हम पाएंगे कि यहां के जंगल और यहां के वन्यजीव हमारी कितनी बेशकिमती संपदा है और ऐसे ही बेशकिमती संपदा को एक्सपोस करने के लिए पिछले 114 दिनों से के एक युवक अपनी बाईक में देश के कोने कोने में स्थिति टाईगर रिजर्व का भ्रमण कर रहे हैं ।

ये हैं आशिष बजरंग यादव । नागपूर के रहने वाले आशिष को जंगलो और उसके वन्य जीवों से काफी लगाव है । इस सफर का अब अंतिम पड़ाव आने को है । देश के 58 टाईगर रिजर्व में से आशिष ने 55 टाईगर रिजर्व की दूरी अपनी भरोसेमंद बाईक से पूरी कर ली है । आज उन्होंने छत्तीसगढ़ के अचानकमार टाईगर रिजर्व का भ्रमण किया । जिसके बाद उन्होंने दबंग न्यूज लाईव से लंबी बातचीत करते हुए अपने अनुभव साझा किए ।

आशिष ने बताया कि इतने दिनों की यात्रा के दौरान विभिन्न प्रदेश और वहां के लोगों से मिलना हुआ सभी जगह लोगों ने काफी सहयोग किया । उनकी यात्रा में कई प्रायोजकों का सहयोग रहा साथ ही फारेस्ट डिपार्टेमेंट ने भी काफी सहयोग किया जिसके कारण ये अभियान सफल रहा ।

आशिष यादव का कहना था उन्हें जंगल और वन्यजीवों से खासा प्रेम है और उन्हें सुकुन सिर्फ जंगल में ही मिलता है । प्रसिद्ध वाईल्ड लाईफ फोटोग्राफर आरजू खुराना से प्रेरित होकर उन्होंने देश के सभी टाईगर रिजर्व के भ्रमण का प्लान बनाया । आरजू खूराना ने देश के 54 टाईगर रिजर्व में विजिट किया है आज मैने 114 दिन में 55 वें अचानकमार टाईगर रिजर्व का भ्रमण किया है और यहां से आज मैं बांधवगढ़ पहुंचने वाला हू वहां से कान्हा और फिर नागझिरा टाईगर रिजर्व अंतिम पड़ाव होगा ।
जल्द ही यूटयूब पर पूरा इंटरव्यू देखिए ।



