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वन विभाग के निकम्मेपन से छत्तीसगढ़ में फिर एक गजराज की असमय मौत ।

प्रशासनिक ढिलाई से हो रही प्रदेश में हाथियों की मौत ।

वन विभाग का निकम्मापन उजागर , हाथियों की मौत रोकने नहीं बना रहे कोई योजना ।

दबंग न्यूज लाईव
शनिवार 26.9.2020

 

पिथौरा- प्रदेश मे वन विभाग के नकारेपन ने हाथियों की जान को जोखिम में डाल दिया है । प्रदेश में पिछले कई माह से हाथियों की मौत आम हो गई है । दो दिन पहले ही धरमजयगढ़ मे भी एक हाथी की मौत हुई थी । आज फिर एक हाथी के मरने की खबर सामने आई है । हाथियों के लगातार मौत होने के बाद भी वन विभाग के जिम्मेदार अधिकारी कोई ठोस उपाय इस रोकने के लिए नहीं बना पा रहे हैं और विभाग के निकम्मेपन का खामियाजा इन हाथियों को अपनी जान देकर चुकाना पड़ रहा है ।

 


प्राप्त जानकारी के अनुसार नगर से मात्र 6 किलोमीटर दूर ग्राम किसनपुर के पास एक बांध के नीचे सुबह एक जंगली हाथी मृत पाया गया।प्रथम दृष्टया हाथी की मौत करंट लगने से हुई बताया जा रहा है ।बहरहाल वन विभाग की टीम घटनास्थल की ओर रवाना हो चुकी है। इसके पहले प्रदेश में लगातार करंट से हाथियों की मौत हुई है.

फाईल फोटो

ग्रामीण सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार शनिवार की प्रातः कुछ ग्रामीण ग्राम किशनपुर के समीप स्थित एक बांध में ग्रामीण दैनिक क्रिया हेतु गए तब वे बांध के पास एक विशालकाय हाथी को मृत देख चैंक गए।हाथी के मरने की खबर जब ग्राम पहुची तब देखते ही देखते घटनास्थल पर ग्रामीणों की भीड़ लग गयी।घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय रेंजर यू एस बसन्त घटना स्थल रवाना हो गए है।

फाईल फोटो

रेंजर बसन्त ने  बताया कि कल रात हाथियों का लोकेशन गिरना जंगल में था।रात में ही हाथी जंगलो से होते हुए किशनपुर ग्राम के पास स्थित बांध तक जा पहुचे।वहाँ से एक हाथी की मौत की खबर आ रही है।हाथी की मौत शायद विद्युत करंट से हुई है।बहरहाल घटना का कारण एवम समय जांच के बाद ही पता चल पाएगा ।

sanjeev shukla

Sanjeev Shukla DABANG NEWS LIVE Editor in chief 7000322152
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