जिला पंचायत से पड़ी फटकार तो जागा कोटा जनपद पंचायत ।
शिकायत के बाद हुई जांच तो सामने आया लाखों का फर्जीवाड़ा ।

दबंग न्यूज लाईव
शुक्रवार 11.09.2026
कोटा -कोटा जनपद पंचायत में जनपद पंचायत से लेकर ग्राम पंचायत तक भ्रष्टाचार व्याप्त है ये सभी जानते हैं लेकिन कार्यवाही के नाम पर यहां सिर्फ जांच जांच और प्रतिवेदन तक ही मामला रहता है । जांच भी तब होती है जब उपर से कोई कड़ा नोटिस जनपद पंचायत में आता है । इसके बाद जांच टीम बनती है जो अपने समय के हिसाब से जांच करती है और फिर जांच प्रतिवेदन को जनपद पंचायत में जमा कर देती है उसके बाद कई मामले ठंडे बस्ते में चले जाते हैं तो कई में थोड़ी बहुत कार्यवाही हो जाती है ।
ऐसा ही एक मामला कोटा जनपद पंचायत के नेवसा ग्राम पंचायत से सामने आया है जहां लाखों रूपए के गबन का आरोप लगा है । एक शिकायतकर्ता ने नेवसा ग्राम पंचायत के सचिव लव जायसवाल के द्वारा 15 वें वित्त की राशि में लाखों रूपए के गबन की शिकायत लगभग साल भर पहले की थी ।
जनपद पंचायत ने जब इस मामले में कोई जांच नहीं की तो शिकायतकर्ता ने इस पूरे मामले की जांच जिला पंचायत में कर दी । जिला पंचायत ने जनपद कोटा से इस मामले की जांच करके प्रतिवेदन देने के लिए कहा लेकिन जनपद पंचायत के कान में जूं नहीं रेंगी । इसके बाद शिकायतकर्ता ने इस मामले की शिकायत सीएम पोर्टल पर कर दिया ।
सीएम पोर्टल पर हुई शिकायत के बाद जिला पंचायत हरकत में आया और 24.06.2026 को जनपद पंचायत को कड़े शब्दों में नोटिस देते हुए पूरे मामले की जांच करने के लिए कहा गया । इस लेटर के बाद जनपद पंचायत कोटा ने 07.08.2026 को दो सदस्यों की एक जांच टीम गठित कर दी जिसमें वरिष्ठ लेखा अधिकारी जागेश्वर चतुर्वेदानी और इंजिनियर पटेरिया को शामिल करके जांच रिपोर्ट देने के लिए कहा गया ।
जांच टीम ने 18 अगस्त 26 को पंचायत जाकर पूरे मामले की जांच की तो पता चला कि सचिव ने 15 वें वित्त की राशि से लगभग 15 काम ऐसे बताएं है जो पंचायत में हुए ही नहीं है । जांच टीम ने पंचायत के सभी रिकार्डो की जाचं की तो पता चला कि सचिव लव जायसवाल ने ग्राम पंचायत में जो काम होना बताते हुए लाखों की राशि निकाली है वो काम तो पंचायत में हुए ही नहीं है ।
जांच टीम ने पाया कि सचिव लव जायसवाल ने 2024-25 में 15 वें वित्त की राशि से प्राथमिक शाला में शौचालय मरम्मत के नाम पर भवनों की रंगाई पोताई जिनमें प्राथमिक शाला और आंगनबाड़ी भवन है के साथ ही सीसी रोड की मरम्मत ,स्ट्रीट लाईट और बोर मरम्मत के जैसे 15 कामों के लगभग पांच लाख ब्यालिस हजार छह सौ चौहत्तर रूपए फर्जी तरीके से निकाल लिए हैं ।
इस पूरे मामले में जांच अधिकारी जगेश्वर चतुर्वेदानी ने बात करते हुए बताया कि – सचिव को स्पष्टीकरण जारी किया गया है वैसे हमने पंचायत में जो पाया उसका प्रतिवेदन जमा कर दिया गया है । गांव वालों ने भी बताया कि काम नहीं हआ है ।
इस संबंध में जनपद पंचायत के सीईओ युवराज सिन्हां को काल किया गया लेकिन उनसे बात नहीं हो पाई । बहरहाल देखना होगा इस पूरे मामले में क्या कार्यवाही होती है ।



