कोटा जनपद के भैंसाझार पंचायत का सचिव दस दिन से गायब ।

गांव में बाहर प्रदेश से आए हैं दस से बारह लोग ।

कोई स्क्रिनिंग नहीं कोई सावधानी नहीं ,घुम रहे हैं गांव में ।

सचिव गायब , सीईओ का गैरजिम्मेदारी वाला बयान ।

 

दबंग न्यूज लाईव
गुरूवार 26.03.2020

करगीरोड कोटा – प्रदेश में कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए जहां लाॅक डाउन कर दिया गया है । और पंचायत को निर्देश हैं कि वो अपने पंचायत में बाहर प्रदेश से आने वाले लोगों की जानकारी तत्काल विभाग को दे । जिससे उन्हें आईसोलेट किया जा सके । जनपद सीईओ भी अपने पंचायतों पर एक तरफ से आदेश दे दे के फिल्ड में जाने और सभी की जानकारी लेने की हिदायत दें रहीं हैं वहीं उन्हीं के जनपद के एक ग्राम पंचायत का सचिव पिछले दस बारह दिन से बिना किसी को जानकारी दिए अपने घर चले गया है । ऐसे में इस पंचायत के सभी काम रूक गए हैं ।

यहां की सरपंच अल्का राज ने बताया कि – सचिव कहां है कुछ पता नहीं पिछले दस दिन से वो पंचायत नहीं आ रहा है । गांव में बाहर प्रदेश से कुछ लोग आए हैं लेकिन ना तो उनकी जांच की गई है और ना ही कोई सावधानी रखी जा रही है । हमें क्या करना है ये भी नहीं बताया गया है ।


ग्राम पंचायत के पंच गिरीश का कहना था – सचिव बिना बताए पिछले दस बारह दिन से गायब है । उसके नहीं आने से पंचायत का कोई काम नहीं हो पा रहा है । बाहर प्रदेश जो कमाने खाने गए थे वे कुछ दिन पहले ही वापस आए हैं लेकिन उनको केैसे सुरक्षित रखें , क्या समझाएं हमको किसी ने कुछ नहीं बताया । ना तो स्वास्थ्य विभाग के लोग ना मितानीन और ना ही आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने कुछ बताया । जो लोग बाहर से आए हैं वो गांव में घुम रहे हैं सबसे मिल रहे हैं । सचिव के ना होने से कोई भी जानकारी हम लोगों को नहीं मिल पा रही है ।

हमने इस बारे में जानकारी लेने के लिए जनपद सीईओ संध्यारानी कुर्रे से बात की गई तो उनका कहना -था दस दिन तो नहीं कुछ दिन पहले ही हम दौरे में गए थे तब सचिव वहां था । यदि ऐसी बात है तो मै बात करती हूं सचिव से ।


बात यहां सचिव के दस दिन या छह दिन से गायब रहने की नहीं है गंभीर बात ये है कि इस पंचायत में बाहर प्रदेश से आने वाले लोगों की जानकारी ही प्रशासन को नहीं हो रही है । यदि अधिकारी छह दिन पहले यहां गए थे तो उन्होंने क्यांे इस बात की जानकारी नहीं ली कि कितने लोग बाहर प्रदेश से आए हैं ।


एसडीएम आनंदरूप तिवारी का कहना था – मैं पूरे मामले की जानकारी लेता हूं ये गंभीर मामला है यदि ऐसा हुआ है तो कार्यवाही की जाएगी ।

समझा जा सकता है जब एक तरफ से पूरा दबाव प्रशासन पर है कि एक एक ऐसे व्यक्तियों की मानिटरिंग करनी है जो बाहर प्रदेश से वापस आए हैं । और उन्हें चोैदह दिनों के आईसोलेट में रखना है तब पंचायत के सचिव की नामौजुदगी और जनपद सीईओ का इतने हल्के में बात को लेना चिंता का विषय है ।


बाहर से आए लोगों की जानकारी यदि पंचायत और स्वास्थ्य विभाग ना रखे , यदि पंचायत के जनप्रतिनिधियों को उचित मार्गदर्शन अधिकारी ना दे पाएं तो फिर लाख लाॅकडाउन करा डालो कुछ नहीं होना है ।
दबंग न्यूज लाईव ने अपनी जिम्मेदारी समझते हुए पंचायत के नव निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को ऐसे सभी लोगों की जानकारी लेने तथा उन्हें बाहर घुमने से रोकने तथा सारी जानकारी स्वास्थ्य विभाग तथा पंचायत को देने की सलाह दी । देखना है इस गंभीर मामले पर अधिकारी कैसा संज्ञान लेते हैं ।

 

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