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लालपुर ग्राम पंचायत में भ्रष्टाचार का अर्नब चक्रवात । जिसने उड़ा दिए पंचायत के लाखों रूपए ।

वाह सचिव महोदय तुस्सी कमाल हो ।

दबंग न्यूज लाईव
गुरूवार 05.11.2026

कोटा – कुछ दिन पहले देश -प्रदेश में अर्नब चक्रवात ने जैसा बवंडर मचाया था वैसा ही कुछ बवंडर कोटा जनपद पंचायत के एक ग्राम पंचायत लालपूर में छह तारीखों में पांच फर्माें के साथ मिलकर नए नवेले सचिव हरीश खाण्डे ने पंचायत में मचा दिया । इस सचिव ने जिस प्रकार से पंचायत की राशि का दुरूपयोग किया है उसने भ्रष्टाचार के अगले पिछले सारे रिकार्ड ध्वस्त कर दिए हैं ।

मामला है कोटा जनपद पंचायत के ग्राम पंचायत लालपुर का । यहां पदस्थ सचिव हरिश खाण्डे ने सिर्फ छह तारीखों में पांच फर्मों को लगभग सत्रह लाख उन्चास हजार पचास रू का भुगतान कर दिया । ये तो अच्छा हुआ कि इसमें से लगभग तीन लाख बारह हजार रू किसी कारण वश वापस पंचायत के खाते में आ गए और ये राशी सत्रह लाख से चौदह लाख में बदल गई ।

लालपुर पंचायत में भ्रष्टाचार के अर्नब चक्रवात आने की ये तारीखें थी 24.06.2026 से 13.10.2026 । इस बीच इस सचिव ने पंचायत के खाते से जिन फर्मों को उपकृत किया वे थे पंकज ट्रेडर्स जिसके खाते में 24.06.2026 को छह लाख अठारह हजार रू. , 26.07.2026 को महावीर ट्रेडर्स को एक लाख तिरसठ हजार रू , 03.08.2026 को फिर से महावीर ट्रेडर्स और अनुपमा इलेक्ट्रिक के खाते में दो लाख अट्ठासी हजार रू. , 18.09.2026 को फिर से महावी ट्रेडर्स को चौबीस हजार रू. ,दसवें माह में सुरेन्द्र कंस्ट्रक्शन को तीन लाख बारह हजार और दुर्गा महिला समूह को बत्तीस हजार का भुगतान कर दिया गया ।

मजे की बात है कि कोटा जनपद के एक पंचायत में इस प्रकार का भ्रष्टाचार का खेल मचा था और ना सीईओ को पता था , ना करारोपण अधिकारी को , ना पंचायत इंस्पेक्टर को और ना ही यहां के इंजिनियर एसडीओ और पीओ को ( पीओ के कारनामों की खबर भी जल्द ही पढ़िएगा ) ।

मामला तब खुला जब इस पूरे भ्रष्टाचार की शिकायत उपर तक हुई और जिले से एक चार सदस्यी जांच टीम बना दी गई। जांच टीम 22 अक्टूबर 26 को जब पंचायत जांच में पहुंची तो पता चला कि भ्रष्टाचार का तूफान मचाने वाले सचिव साहब खुद बिमारी का बहाना बनाकर गायब हैं । सरपंच महोदया ने अपने हाथ खड़े कर दिए कि इतने बड़े तूफान में उनका काई योगदान नहीं है और उन्हें सिर्फ तीन छुट पुट बौछारों की ही जानकारी है बाकी पूरा कारनामा सचिव महोदय का है ।

जांच टीम ने इसके बाद बिना दस्तावेजों के ही जांच अभियान को आगे बढ़ाया और गांव वालों और शिकायतकर्ता के साथ भौतिक सत्यापन और जांच शुरू की तो पता चला कि लाखों खर्च करने के बाद इस पंचायत में मात्र पांच जीआई पाईप एक इंच वाले सुरक्षित रखे गए हैं ।

जांच टीम ने अपनी रिपोर्ट बनाई और लिखा कि जानकारी के बाद भी सचिव उपस्थित नहीं हुए और बिना दस्तावेजों के ही जांच की गई है । आनलाईन देखने पर छह तारीखों में पांच फर्माें को लाखों रू पेमेंट किए गए हैं और इसके लिए सरपंच सचिव दोनों जिम्मेदार हैं ।

जांच टीम को तो सरपंच सचिव के साथ ही सभी जिम्मेदार अधिकारियों के भी नाम लिखने थे जिनकी छत्रछाया में ये खेल चलता है । खैर देखना होगा इस पूरे मामले में आगे क्या कार्यवाही होती है ।

पूरी खबर जांच रिपोर्ट पर आधारित है । किसी अधिकारी और सरपंच सचिव को इसलिए कॉल नहीं किया गया क्योंकि दीपावली का समय और कहीं अन्य लोगों के साथ हमारे लिए भी ये अवधारणा ना बना लें कि दीपवाली के कारण काल किया गया होगा ।

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